तेजी से फैल रही बीमारी, माता-पिता और स्कूलों को रहना होगा सतर्क
नई दिल्ली, 14 सितंबर 2025: दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बच्चों पर हैंड-फुट-माउथ (HFMD) वायरस का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। यह वायरस छोटे बच्चों, खासकर 10 साल से कम उम्र के बच्चों को अपना निशाना बना रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर और यूपी के कई जिलों में 50 से ज्यादा बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। मॉनसून का मौसम इसे और तेजी से फैला रहा है। माता-पिता और स्कूलों को सावधान रहने की जरूरत है। आइए, जानते हैं इस बीमारी के बारे में और इससे बचने के आसान तरीके।
हैंड-फुट-माउथ वायरस क्या है?
हैंड-फुट-माउथ बीमारी एक वायरल इंफेक्शन है, जो ज्यादातर कॉक्ससैकी वायरस A16 या एंटेरोवायरस 71 की वजह से होता है। यह बच्चों में तेजी से फैलता है, खासकर स्कूलों और डे-केयर सेंटरों में। यह वायरस छींकने, खांसने, सलाइवा, मल, या छालों के तरल से फैलता है। दिल्ली के डॉक्टरों ने बताया कि मॉनसून की नमी और गर्मी इस वायरस के लिए माकूल माहौल बनाती है।
लक्षण: इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
HFMD के लक्षण आम फ्लू जैसे लगते हैं, लेकिन ये ज्यादा परेशान करने वाले हो सकते हैं:
- बुखार और गले में खराश: बच्चे को पहले तेज बुखार और गले में दर्द होता है।
- मुंह, हाथ और पैरों पर दाने: लाल रंग के दाने या छाले मुंह के अंदर, हथेलियों और तलवों पर निकलते हैं।
- भूख कम होना: मुंह के छालों की वजह से बच्चे खाना-पीना कम कर देते हैं।
- चिड़चिड़ापन और थकान: बच्चे सुस्त और चिड़चिड़े हो सकते हैं।
अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह वायरस गंभीर रूप ले सकता है, जैसे कि वायरल मैनिंजाइटिस। डॉक्टरों की सलाह है कि लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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दिल्ली-यूपी में क्यों बढ़ रहा खतरा?
दिल्ली-एनसीआर और यूपी के एटा जैसे इलाकों में HFMD के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मॉनसून की बारिश और पानी का जमाव इस वायरस को फैलने में मदद कर रहा है। स्कूलों और खेल के मैदानों में बच्चे एक-दूसरे के करीब रहते हैं, जिससे यह बीमारी तेजी से फैलती है। दिल्ली के कई स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी हैं और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों को बच्चों के खिलौने और सतहों को बार-बार साफ करने का निर्देश दिया है।
बचाव के आसान तरीके
डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सावधानी बहुत जरूरी है। ये हैं बचाव के कुछ आसान उपाय:
- बच्चों को अलग रखें: अगर बच्चे में लक्षण दिखें, तो उसे स्कूल न भेजें और घर में अलग कमरे में रखें।
- हाथ बार-बार धोएं: बच्चों को साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोने की आदत डालें।
- खिलौने और सतह साफ करें: बच्चों के खिलौने, टेबल, और अन्य सामान को रोज सैनिटाइज करें।
- खाने-पीने का ध्यान: बच्चों को साफ और उबला हुआ पानी दें, बाहर का खाना टालें।
- डॉक्टर से सलाह: लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से मिलें, क्योंकि जल्दी इलाज से बच्चा 7-10 दिन में ठीक हो सकता है।
स्कूल और सरकार का एक्शन
दिल्ली के स्कूलों ने सतर्कता बढ़ा दी है। कई स्कूलों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बुखार या दाने दिखने पर बच्चों को तुरंत घर रखें। दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह मॉनसून में होने वाली सामान्य बीमारी है, लेकिन स्कूलों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। यूपी में भी स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों को बच्चों की जांच करने और साफ-सफाई बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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माता-पिता को सलाह: डरें नहीं, सावधान रहें
डॉक्टरों का कहना है कि HFMD ज्यादातर मामलों में हल्की बीमारी है और बच्चे 7-10 दिन में ठीक हो जाते हैं। लेकिन सावधानी न बरतने से यह तेजी से फैल सकता है। माता-पिता अपने बच्चों पर नजर रखें और स्कूलों को लक्षणों की जानकारी दें।



