नई दिल्ली, 4 दिसंबर 2025। “राजनीति में संयोग नहीं, प्रयोग होते हैं” – यह वाक्य आज के भारत के सबसे प्रभावशाली नेता अमित अनिलचंद्र शाह पर पूरी तरह फिट बैठता है। 2025 में वह देश के गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री के रूप में दूसरी पारी में हैं, लेकिन उनकी असली पहचान है – नरेंद्र मोदी के बाद भाजपा और NDA का सबसे बड़ा रणनीतिकार। चाहे 2014 में 282 सीटों की ऐतिहासिक जीत हो, 2019 का 303 का जादू, या 2024 में 400 पार का लक्ष्य – हर बार पीछे मास्टरमाइंड एक ही नाम: अमित शाह।
गुजरात के एक साधारण जैन परिवार से निकले इस शख्स ने 14 साल की उम्र में RSS की शाखा जॉइन की और 61 साल की उम्र में देश की सुरक्षा, आंतरिक मामलों और सहकारिता मंत्रालय को अपने कंधों पर उठा रखा है। आइए जानते हैं अमित शाह की पूरी बायोग्राफी 2025 – जन्म, परिवार, शिक्षा, राजनीतिक करियर, उपलब्धियां, विवाद और 2025 में उनकी भूमिका।
प्रारंभिक जीवन और परिवार
- जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई (महाराष्ट्र)
- पूरा नाम: अमित अनिलचंद्र शाह
- पिता: अनिलचंद्र शाह (प्लास्टिक पाइप कारोबारी, भावनगर)
- माता: कुसुमबेन शाह
- पत्नी: सोनल शाह (विवाह: 1987)
- बेटा: जय शाह (BCCI सचिव)
- जाति: गुजराती जैन (वणिक समाज)
अमित शाह का बचपन गुजरात के मनसा गांव और अहमदाबाद में बीता। उनके दादा भावनगर रियासत में बड़े कारोबारी थे। पिता ने अहमदाबाद में PVC पाइप का बिजनेस शुरू किया, जो बाद में काफी सफल हुआ।
शिक्षा और शुरुआती दिन
- प्रारंभिक शिक्षा: मनसा और अहमदाबाद के स्कूलों में
- बीएससी (बायोकेमिस्ट्री): गुजरात यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद
- परिवार के बिजनेस में हाथ बंटाया (पाइप कंपनी)
- स्टॉक ब्रोकर के रूप में भी काम किया (1980 के दशक में)
लेकिन 14 साल की उम्र में ही RSS की शाखा में जाने के बाद राजनीति उनका जुनून बन गई।
RSS से भाजपा तक का सफर
- 1980: 14 साल की उम्र में RSS की शाखा जॉइन की
- 1982: ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) में सक्रिय
- 1987: भाजपा युवा मोर्चा जॉइन किया
- 1997: सबसे कम उम्र में सरखेज से विधायक बने (33 साल)
- 1998, 2002, 2007, 2012: सरखेज और फिर नारणपुरा से लगातार विधायक
नरेंद्र मोदी जब 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तब अमित शाह उनके सबसे करीबी सहयोगी थे। शाह को “चाणक्य” और “चुनावी मशीन” कहा जाने लगा।
नरेंद्र मोदी के साथ 25 साल का साथ
- 2001-2014: गुजरात में मोदी के सबसे बड़े स्ट्रैटेजिस्ट
- गृह राज्य मंत्री, वित्त, कानून – कई महत्वपूर्ण विभाग संभाले
- 2014 में मोदी के PM बनने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने (2014-2020)
- 2014 लोकसभा: 282 सीटें
- 2019 लोकसभा: 303 सीटें – शाह का मास्टरस्ट्रोक
केंद्रीय मंत्री के रूप में उपलब्धियां (2019-2025)
गृह मंत्रालय (2019 से अब तक)
- अनुच्छेद 370 हटाना – जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म
- नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) – 2019 में पास
- तीन तलाक बिल – मुस्लिम महिलाओं को न्याय
- नए आपराधिक कानून – IPC, CrPC, Evidence Act की जगह नए कानून
- NIA का विस्तार – आतंकवाद के खिलाफ सख्ती
- J&K में शांति – 2025 तक आतंकी घटनाएं 70% कम
- नक्सलवाद पर लगाम – 2025 में 90% क्षेत्र नक्सल-मुक्त घोषित
सहकारिता मंत्रालय
- देश में 2 लाख नए PACS बनाने का लक्ष्य
- दुनिया का सबसे बड़ा अनाज भंडारण प्लान
- सहकारी क्षेत्र में डिजिटलीकरण
विवाद और कानूनी लड़ाइयां
- सोहराबुद्दीन केस (2005) – CBI ने फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया। 2010 में जेल गए। 2014 में सभी आरोपों से बरी।
- इशरत जहां केस – भी बरी हुए
- 2013 स्नूपगेट – गुजरात में निगरानी का आरोप – क्लीन चिट
विपक्ष इन्हें “अमित शाह का डर” कहता है, समर्थक कहते हैं – “कानून के दायरे में सख्ती”।
व्यक्तिगत जीवन और शौक
- पत्नी सोनल शाह – सामाजिक कार्यकर्ता
- बेटा जय शाह – BCCI सचिव, क्रिकेट प्रशासन में बड़ा नाम
- शाह बहुत कम बोलते हैं, सोशल मीडिया पर कम एक्टिव
- शतरंज के शौकीन – राजनीतिक रणनीति में भी शतरंज की तरह चलते हैं
- रोज सुबह 5 बजे उठकर योग और वॉक करते हैं
2025 में अमित शाह की भूमिका
- गृह मंत्रालय: नक्सलवाद खत्म करने का अंतिम चरण, J&K में विधानसभा चुनाव कराना
- सहकारिता: 3 लाख PACS का लक्ष्य, किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में बड़ा कदम
- चुनावी रणनीति: 2026-2027 के विधानसभा चुनावों (UP, गुजरात, आदि) के लिए मास्टर प्लान
- विपक्ष पर नजर: INDIA गठबंधन को कमजोर करने की रणनीति
उपलब्धियां एक नजर में
| क्षेत्र | उपलब्धि |
|---|---|
| गुजरात विधायक | 1997-2017 (लगातार 5 बार) |
| भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष | 2014-2020 (2 बार) |
| लोकसभा सांसद | 2019 गांधीनगर, 2024 गांधीनगर (दोनों बार रिकॉर्ड मतों से) |
| केंद्रीय मंत्री | गृह मंत्री (2019 से), सहकारिता मंत्री (2021 से) |
| प्रमुख कानून | अनुच्छेद 370, CAA, तीन तलाक बिल, नए आपराधिक कानून |
| चुनावी रिकॉर्ड | 2014: 282, 2019: 303, 2024: 400 पार का लक्ष्य (370+ के साथ सरकार बनी) |
अमित शाह – भारत की राजनीति का चाणक्य
61 साल की उम्र में भी अमित शाह की ऊर्जा और रणनीति देखकर लगता है – वह अभी लंबा खेल खेलने वाले हैं। चाहे अनुच्छेद 370 हटाना हो, नक्सलवाद पर लगाम हो या सहकारिता क्रांति – हर मोर्चे पर उनकी छाप साफ दिखती है।
विपक्ष उन्हें “चाणक्य” कहकर डरता है, समर्थक “भारत का लौह पुरुष” कहते हैं। एक बात तय है – अमित शाह जिस दिन राजनीति से संन्यास लेंगे, उस दिन भारतीय राजनीति का एक युग खत्म हो जाएगा।
आपको अमित शाह की कौन सी उपलब्धि सबसे प्रभावशाली लगी? कमेंट में जरूर बताएं।



