SCO ने पहलगाम और जाफर एक्सप्रेस आतंकी हमलों की निंदा की, अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाने की मांग

नई दिल्ली, 2 सितंबर 2025: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के तियानजिन घोषणापत्र ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। घोषणापत्र में पाकिस्तान के खुजदार में 21 मई 2025 को हुए हमले और जाफर एक्सप्रेस पर 11 मार्च 2025 को हुए हमले की भी निंदा की गई है।

SCO के 10 सदस्य देशों के नेताओं, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं, ने घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, भारत ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) से संबंधित प्रावधानों से अलग रहने का फैसला किया। यह घोषणापत्र अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की अपील करता है और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर जोर देता है।

पहलगाम हमला: 26 पर्यटकों की हत्या, भारत-पाक तनाव बढ़ा

पहलगाम हमला 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुआ, जहां लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाया। हमलावरों ने M4 कार्बाइन और AK-47 से गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए, जिनमें एक ईसाई पर्यटक और एक स्थानीय मुस्लिम भी शामिल थे। TRF ने शुरुआत में जिम्मेदारी ली, लेकिन बाद में पीछे हट गया। भारत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद का आरोप लगाया, जिसके जवाब में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया।

इस ऑपरेशन में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) और पाकिस्तान में 10 आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया। पाकिस्तान ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया और 87 घंटे के संघर्ष के बाद दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय समझौते से युद्धविराम किया। जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव के तहत तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया। SCO की निंदा भारत के लंबे समय से चले आ रहे रुख को मजबूत करती है, जो सीमा पार आतंकवाद पर जोर देता है।

जाफर एक्सप्रेस अपहरण: 11 मार्च को 64 मौतें

11 मार्च 2025 को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस को अपहरण कर लिया। हमलावरों ने रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक फोड़ा, जिससे ट्रेन रुक गई। 440 यात्रियों में से 354 को बंधक बनाया गया, जिसमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे। पाकिस्तानी सेना ने ऑपरेशन ग्रीन बोलन शुरू किया, जिसमें 33 BLA आतंकवादियों को मार गिराया गया।

21 यात्री और 4 सैनिक मारे गए। BLA ने 214 बंधकों को मारने का दावा किया, लेकिन सबूत नहीं दिए। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान और भारत पर सहयोग का आरोप लगाया। SCO ने हमले की निंदा की और अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाने की मांग की। यह घटना पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है, जहां 2024 में आतंकी घटनाओं में 45% वृद्धि हुई।

खुजदार स्कूल बस बम विस्फोट: 21 मई को 10 मौतें

21 मई 2025 को खुजदार में एक स्कूल बस पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें आर्मी पब्लिक स्कूल के 46 छात्रों को निशाना बनाया गया। विस्फोटक से लदी वाहन ने बस से टक्कर ली, जिसमें 8 बच्चे, ड्राइवर और कंडक्टर मारे गए। 53 लोग घायल हुए, जिनमें 39 बच्चे शामिल थे। पाकिस्तान ने भारत समर्थित प्रॉक्सी पर आरोप लगाया, लेकिन कोई संगठन जिम्मेदारी नहीं ले सका।

काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने जांच शुरू की, जिसमें 30 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल पाया गया। SCO ने हमले की निंदा की और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर जोर दिया। यह घटना बलूचिस्तान में बढ़ते अलगाववाद को दर्शाती है, जहां BLA जैसे समूह सक्रिय हैं। पाकिस्तान ने भारत पर राज्य प्रायोजित आतंकवाद का आरोप लगाया, जिसे भारत ने खारिज किया।

ईरान पर हमले और गाजा संकट: SCO का विरोध

SCO ने जून 2025 में अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हवाई हमलों की कड़ी निंदा की। हमलों में ईरान के न्यूक्लियर साइट्स जैसे फोर्डो को निशाना बनाया गया, जिसमें कई सैन्य अधिकारी मारे गए। घोषणापत्र ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।

गाजा में इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष पर SCO ने चिंता जताई और तत्काल युद्धविराम, मानवीय सहायता और फिलिस्तीनी मुद्दे के समाधान की मांग की। भारत ने दो-राज्य समाधान का समर्थन किया, लेकिन SCO ने इजराइली बंधकों की वापसी का जिक्र नहीं किया। यह घोषणापत्र क्षेत्रीय स्थिरता के लिए SCO की भूमिका को रेखांकित करता है।

एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

SCO ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ ‘एकतरफा दबावपूर्ण उपायों’ का विरोध किया, जिसमें रूस पर प्रतिबंध और अमेरिकी टैरिफ शामिल हैं। 27 अगस्त 2025 को अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाए, जो रूसी तेल खरीद पर सजा है। घोषणापत्र ने कहा कि ऐसे उपाय वैश्विक अर्थव्यवस्था, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा को नुकसान पहुंचाते हैं।

SCO ने WTO नियमों का पालन करने की अपील की। यह रुख रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जहां रूस को वित्तीय प्रणाली से बाहर किया गया। भारत ने टैरिफ को ‘अनुचित’ बताया, लेकिन SCO ने सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

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