8 सितंबर 2025: नेपाल की राजधानी काठमांडू में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। सरकार ने 26 प्लेटफॉर्म्स पर पाबंदी लगाई, जिसके बाद हजारों Gen Z प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। हिंसक झड़पों में 14 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए।
बैन की वजह और सरकार का फैसला
नेपाल सरकार ने गुरुवार मध्यरात्रि को फेसबुक, यूट्यूब, व्हाट्सएप और X सहित 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बैन कर दिया। कारण बताया कि ये कंपनियां नए कानून का पालन नहीं कर रही थीं। सरकार ने सात दिन में रजिस्ट्रेशन, शिकायत अधिकारी और स्थानीय संपर्क बिंदु बनाने को कहा था।
पीएम ओली का बयान
प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस कदम का बचाव किया। उन्होंने कहा, “राष्ट्र की स्वतंत्रता कुछ लोगों की नौकरियों से बड़ी है। कानून, संविधान और राष्ट्रीय गरिमा का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा।” ओली ने इसे देशहित में बताया, लेकिन युवाओं में गुस्सा भड़क गया।
हिंसक प्रदर्शन और कर्फ्यू
सोमवार सुबह 9 बजे से काठमांडू में हजारों युवा सड़कों पर उतरे। नेशनल फ्लैग लहराते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार और सेंसरशिप के खिलाफ नारे लगाए। न्यू बनेश्वर में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें एक प्रद demonstrator की मौत हो गई। काठमांडू में संसद और सरकारी इमारतों के आसपास कर्फ्यू लगा दिया गया।
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प्रभावित प्लेटफॉर्म्स और विरोध
बैन किए गए प्लेटफॉर्म्स में फेसबुक, इंस्टाग्राम, X, लिंक्डइन, स्नैपचैट और व्हाट्सएप शामिल हैं। टिकटॉक और विबर जैसे कुछ प्लेटफॉर्म्स, जो रजिस्ट्रेशन नियमों का पालन कर रहे हैं, खुले हैं। प्रदर्शनकारियों ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया, क्योंकि छोटे व्यवसाय और संचार प्रभावित हुए।
लोगों की प्रतिक्रिया और सहायता
सोशल मीडिया पर लोग सरकार के खिलाफ गुस्सा जता रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों ने इस बैन को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया। घायलों का इलाज सिविल हॉस्पिटल और एवरेस्ट हॉस्पिटल में चल रहा है। हामी नेपाल जैसे संगठनों ने प्रदर्शन स्थलों पर प्राथमिक चिकित्सा कैंप लगाए हैं।



